• दुनिया में होते हैं ये सबसे महान
    जिसकी करते है सभी गुणगान
    ‘गुरु विश्वामित्र, बशिष्ठ, अत्रि’
    जिसको पूजते स्वयं भगवान

    जैसे सूरज आकर करता है अंधकार को दूर
    उसी तरह ये भी हर किसी के जिंदगी में आकर
    ज्ञान की प्रकाश को फैलाते भरपूर

    इनमे कोई नहीं होती है लालसा
    ये बस इतना चाहे की शिष्य मेरा हो सबसे अच्छा
    अधर्म,अनीति और गलत कर्मों से रहे हमेशा दूर
    जीवन के…[Read more]

  • Kahi dur dur tak Darya Nazar ata he
    Mere aasuon Ko chhupane ka zarya Nazar ata he
    Ek Baar Dil a daastan samaj le esa na koi chehra Nazar ata he

  • Kabhi Zindagi ki raah pe chalte chalte kuch thakaan si Lage
    Kabhi Dil ki baat Hume kuch sach si Lage
    Tab
    Kabhi kisi mod Ruk k thodi der beth Lena
    Pal do pal soch Lena
    Kya yahi wo raah he
    Jispe chalne Ko nikle the hum gharse
    Kya yahi wo saathi he
    Jise Humsafar kehte rahe hum
    Jaane chalte chalte kb raahe juda ho gayi
    Na hum Zindagi k rahe
    Na…[Read more]

  • Cherry Panwala posted an activity 3 months ago

    Ek Sami saanj Ni Atari a
    Taara hath ma maaro haath mukine
    Dur dhadta Suraj Ni lalima nihaadta
    Shant gharni balcony ma betha
    Ek bija ni najaro Ni huf ma
    Hu nihaadu aa masruf Jagat ne
    Ane taari aangdiyo ma guchwaayela mara haath ne
    Bus mj raakhi law hu antim swaash maaro
    Aj Samna aa aakho ma wasawine jow chhu waat taari

  • Cherry Panwala posted an activity 3 months ago

    Zindagi ki raah se guzarte guzarte
    Anjaani raaho pe chalte chalte
    Jaane kis makaam pe aa pahoche he
    Na Manzil he koi
    Na Humsafar
    Har kisi tak pahochne k liye karte rahe hum Safar
    Na jaane kaha milega wo dar
    Jahaa bus thak rakh sakenge hum sar
    Or
    Koi aake keh dega
    Bus
    Ye tha tera aakhri safar

  • Cherry Panwala posted an activity 3 months ago

    Kuch panno k bich ulajh k reh gayi zindagi humari
    Na me padh paaye hum pure panne
    Na chhod paaye hum adhure lamhe
    bus
    Zindagi bitti gayi
    Panne badhte gaye
    Hum padhte gaye
    Panno bahar ki duniya bhulte gaye
    Na unhone yaad dilaya
    Na hum dhundh paaye
    Bus
    Kuch panno k bich ulajh k reh gayi zindagi humari
    Kuch adhure lamho k bich kho gayi zindagi humari

  • तेरे इश्क़ की सलाखों में कैद हुआ परिंदा हूँ मैं!
    न रही कोई मुनासिब वजह जीने को,
    तुझसे मोहब्बत की आस लिए ही ज़िंदा हूँ मैं!!

  • एक ग़ज़ल लिखी है तेरी तस्वीर को देखकर,
    एक ग़ज़ल लिखी है तेरी आंखों को देख कर,
    जिस में छुपा है बस प्यार बस प्यार,
    एक ग़ज़ल लिखी है तेरी आंखों को देख कर!
    बस दिल से लिखता रहा तुझे सोचते बस तुझे सोचते,
    की शाम भी अब डर गई तेरे पहलू में सिमट गई,
    की चांदनी भी अब तेरे हुस्न से पिघल गई,
    यह अल्फाज़ मेरे नहीं यह गीत मेरा नहीं,
    बस तुम में जो देखा ल…[Read more]

  • कितनी कठोर यातना है
    मनुज तेरी जीवन यात्रा
    आधे अधूरे ख्वाब
    उन्हें पूरा करना,कभी समेटना
    कभी खुद को हिम्मत देना
    कभी खुद ही टूट जाना
    पीड़ा की अंतिम अवधि तक
    एक अवशेष बन जाना
    स्वप्न की राह में प्रतीक्षारत
    नैनों का शिला हो जाना
    मुकाम पर पहुँचकर क्षीण हो जाना
    रुकने की राह निर्धारित ही नहीं
    उदित होना और अस्त हो जाना

  • Zindagi k karwa me log
    Milte hai
    Bichhad jaate hain
    Na rakhna umid kisise itni
    Ae Dil
    Wakt rehte Apne bhi mukar jaate hain
    Oro se kya umid karni jaha
    Andhera hote hi
    Apne saaye bhi chhod jaate hain

  • ज़रा नफरत की ये दीवार,
    हटा कर तो देखो,
    सारी दुनियाँ में तुम्हें,
    ख़ुदा नजर आएगा !!

    अपनी जाति का अभिमान,
    भुला कर तो देखो,
    सारी कायनात से तुम्हें,
    प्यार हो जाएगा !!

    ज़रा धर्म के कुछ,
    तुम अर्थ तो सीखो,
    इंसान बनकर कैसे जीना,
    तभी समझ आएगा !!

    कोई भी धर्म हमे,
    नफरत नहीं सिखाता
    “सुखबीर” तू ये बात
    कब समझ पाएगा !!

  • मंजिल मिलेगी क्यों नहीं |
    सिर हार हो या जीत हो,
    कोई नहीं भयभीत हो |
    कर्तव्य पथ पर हम बढ़ें ,
    संघर्ष यदि कम हो नहीं |
    मंजिल मिलेगी क्यों नहीं ||
    जब लक्ष्य पर ही हो नजर ,
    अविरत बढ़ें अपनी डगर |
    जीवन समर हर जीत लें ,
    विश्वास यदि कम हो नहीं |
    मंजिल मिलेगी क्यों नहीं ||
    अविराम पथ पर बढ़ रहे ,
    अवरोध विचलित कर रहे |
    तूफान आते देख कर ,
    भयभीत यदि हम हों न…[Read more]

  • हरपल बदल रहा इंसान।
    नहीं किसी का मन निर्मल है,
    नहीं रहा कोई अरमान।
    बदल रही वसुधा भी अपनी,
    हरपल बदल रहा इंसान।।
    बोले बिना बताती स्थित,
    है दे रही हमें सन्देश।
    खग रहते हैं जब वृक्ष हरा,
    सूखा वृक्ष उड़े परदेश।
    पथ पर चलना आवश्यक है,
    रखना पर तुम इतना ध्यान।
    बदल रही वसुधा भी अपनी,
    हरपल बदल रहा इंसान।
    सोंच नहीं थिर आज किसीकी,
    ना जीवन का इक आधार।
    कोई नहीं…[Read more]

  • उसने पूछा मैं कौन ,हूं,
    तुम कौन हो,
    मैंने बोला तुम
    तुम सुर तुम संगीत हो,
    तुम सूरत से निकली पहली किरण हो!
    तुम कोयल की कू हो तुम संगीत का ताज हो,
    तुम चांद की चांदनी हो तुम तारों की बारात हो,
    तुम मेरे दिल की धड़कन हो,
    तुम गुलाब की खुशबू हो,
    तुम कोहिनूर सा ताज हो,
    तुम मेरे लिए जीने की वजह हो तुम मेरे दिल की धड़कन हो¡
    तुम खुदा की मूरत हो तुम कम ना…[Read more]

  • Vikas kumar giri posted an activity 5 months ago

    लालटेन की रोशनी में पढ़ के मैंने I.A.S
    बनते देखा है,
    बिजली की चकाचौंध में मैंने बच्चे
    को बिगड़ते देखा है,
    जिनमे होती है हिम्मत उनको कुछ
    कर गुजरते देखा है,
    जिनको होती है दिक्कत उनको हालात
    बदलते देखा है,
    फूक-फूक के रखना कदम मेरे दोस्तो,
    छिपकली से भी जयादा मैंने इंसानो को
    रंग बदलते देखा है,
    बहुत ईमानदारी से पढ़ के तैयारी करते हैं,
    मेरे देश क…[Read more]

  • संग गुज़री यादों को अब भुलाया नहीं जाता !
    दिल में जगे जज़्बातों को अब सुलाया नहीं जाता !!

    झेल लिए ढेरो सितम उसके हर घड़ी,हर डगर,
    मगर मासूम-सी उसकी सूरत देख बेवफ़ा उसे बुलाया नहीं जाता !
    जी करता कि ग़मों से भर दूँ झोली उसकी मैं,
    जबकि जो सच कहूँ तो पलभर भी उसे अब रुलाया नहीं जाता !!

    की हैं लाख नाकाम कोशिशें उससे दूरियाँ बनाने की…[Read more]

  • sarab ke har ek ghunt,
    khamoshi se pee rhe hai Hum..
    bas aapke naam ke sahare….,
    itne dino se jee rhe hai hum!

  • दीपक और माचिस का संबंध भी कितना अजीब है,
    माचिस हमेशा दीपक को जलाती है!
    और दीपक उसके जलन शहर कर हमेशा प्रकाश और खुशियां देता है,
    उसी तरह कुछ इंसानों में भी ऐसा संबंध होता है,
    कुछ दीपक के जैसे होते हैं कुछ माचिस के जैसे होते हैं!
    दीपक माचिस के हर जलन हर व्यंग को झेल कर प्रकाश और खुशियां देता है!
    पर दीपक माचिस के बिना अधूरा है
    बिन माचिस उसका को…[Read more]

  • मैं बैठा था और चप्पल को देख रहा था
    और सोचा
    जब इसकी जरूरत होती है तो सब इसको कितने प्यार से रखते हैं,
    पॉलिश करके रखते हैं,
    और जब इसकी जरूरत नहीं होती तो कहीं कोने पर बेकार से पड़ी रहती है,
    कभी-कभी ऐसी हालत इंसानों की भी होती है
    जरूरत पड़ने पर उसको पलकों पर रखते हैं
    वरना कोई पूछता ही नहीं

  • Kuch is kadar teri kami ka ehsaas hai
    Tu na hoke bhi tu paas hai
    Tera hona mahajj ek ehsaas hai
    Fir bhi
    Bahot khaas hai

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