देश की आँखें नम हुई है

देश की आँखें नम हुईं हैं

देश की आँखें नम हुई है
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देश की आँखें नम हुईं हैं,
आज तो उनमें पानी है !!
भारत माँ पर कुरबां कर दी,
17 वीरों ने अपनी जवानी है !!

उतरा जो आँखों में पानी,
कतरा खून उतारो तो !!
उन्होंने 17 मारे हैं,
तुम 1700 मारो तो !!

मारो काटो चीरो फाड़ो,
शेरों की यही निशानी है।।
देश की आँखें नम हुईं हैं,
आज तो उनमें पानी है !!

बेशक हम करते नहीं,
कुत्तों का शिकार सुनो !!
पर अब ये जरूरी है,
वार करो ललकार सुनो !!

आज अमरता से पोषित,
राघव यही कहानी है !!
देश की आँखें नम हुईं हैं,
आज तो उनमें पानी है !!
~देवांश राघव

Desh ki aankhe nam huyi hai,
aaj toh unme paani hai !!
Bharat maa par kurbaan kar di,
17 veero ne apni jawani hai !!

utra jo aankho mein paani,
katra khoon utaaro toh !!
unho 17 maare hai,
tum 1700 maaro toh !!

maaro kaato cheero faado,
shero ki yahi nishaani hai !!
desh ki aankhe nam huyi hai,
aaj toh unme paani hai !!

beshak ham karte nahi,
kutto ka shikaar suno !!
par ab ye jaroori hai,
vaar karo lalkaar suno !!

aaj amarta se poshit,
Raghav yahi kahani hai !!
desh ki aankhe nam huyi hai,
aaj toh unme paani hai !!
~Devansh Raghav

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