पोर्न बैन लेकिन इन सब पर रोक क्यों नहीं ?

पोर्न बैन लेकिन इन सब पर रोक क्यों नहीं ?

पोर्न बैन लेकिन इन सब पर रोक क्यों नहीं ?
पहले मैगी पर बैन और फिर पोर्न बैन ! क्या सिर्फ इन चीज़ों पर बेहुदा बैन लगाने भर से हमारा देश सवर जाएगा ? मेरे ख्याल से तो नहीं। जिन चीज़ों पर असल में बैन लगना चाहिए वो सभी तो खुले आम बिक  रही है और हो रही है। जी हाँ ! मैं शराब, सिगरेट, कई अन्य नशीले पदार्थ के खुले आम बिकने और भ्रष्टाचार, बलात्कार, दिन दहाड़े किसी को गोली मार देने वाले महान कार्यो की बात कर रहा हूँ।
सबसे पहले बात करना चाहूँगा मैगी की और फिर बात करेंगे पोर्न की !!
माना मैगी में लेड था परन्तु यह तो सिर्फ उसी को नुक्सान पहुंचा रहा था जो इसका सेवन कर रहा था। लेकिन ! बीडी, सिगरेट इत्यादि तो सेवन करने वाले और आसपास के लोग – वातावरण को भी नुकसान पहुंचा रही है ! तो फिर इन पर बैन क्यों नहीं ?
एक व्यक्ति रात को शराब पी कर आता है और अपना मानसिक संतुलन खो देता है। फिर उसकी ज़बान से निकले तारीफ़-ए-काबिल अपशब्दों से मार–पीट की भी नौबत आ जाती है, और सबसे ज्यादा गृह कलेश शराब पीने वाले लोगो की मानसिक अवस्था के कारण ही होते है। कई लोग नशे में धुत होकर गाडी चलाते है, वे अपनी ज़िन्दगी से तो हाथ धो बैठते है लेकिन राह पर चलने व बैठने वालो को भी मौत का तौफा दे देते है। शराब को तो नोबेल प्राइज मिलना चाहिए भाई क्योंकि इतना सब हो जाने के बावजूद भी बहुत से लोग अपने आप से भी ज्यादा इससे प्रेम  करते है। एक पंक्ति कहता हूँ –

“ जिसको लत लगी शबाब और शराब,
समझो !
उसका जीवन हो गया ख़राब !!”

मैगी जैसे पदार्थ का तो निरीक्षण करके बताया गया कि यह सेहत के लिए हानिकारक है परन्तु ये (सिगरेट, शराब इत्यादि) तो देखने भर से ही पता चल जाते है कि ये अपनी और दूसरो की भी सेहत के लिए हानिकारक है। जो चीज़ सभी को नुकसान पहुंचा रही है तो उस पर बैन क्यों नहीं।
एक इंसान को हमारे स्वास्थ की इतनी चिंता थी कि उन महाश्य ने “ योगा डे “ घोषित कर दिया, परन्तु असल में चिंता होती तो वह इन सभी पदार्थो पर रोक लगाने की योजना बनाते। माना योगा सेहत के लिए अच्छा है लेकिन जिस ज़मीन पर बीज बोने जा रहे हो अगर वो ज़मीन ही बंज़र हो तो भला उस पर बीज बोने का क्या फ़ायदा ? पहले हमे ज़मीन उपजाऊ बनानी होगी अर्थात आसपास का वातावरण स्वच्छ बनाना होगा। ताकि जो योगा करने में असमर्थ है वे भी स्वस्थ रह सके।

गरीब लोग गरीब
और अमीर लोग अमीर होते जा रहे है।

ऐसा तो सुना ही था हमने लेकिन आने वाले कुछ समय में हम –

अस्वस्थ लोग अस्वस्थ
और स्वस्थ लोग स्वस्थ होते जा रहे है।

ऐसा सुना करेंगे !!

अब बात करते है पोर्न की। पोर्न साइट्स पर ही बैन क्यों ? पोर्नस्टार पर तो बैन नहीं लगाया !! खुलेआम जो बलात्कार होते है, लड़कियो को छेड़ा जाता है उस पर तो बैन नहीं !! सरकार का साफ़ इरादा यही लगता है कि भोजन में ज़हर डालना बंद कर दो लेकिन ज़हर की बोतल खुलेआम बेचो।
हम बचपन से यही सुनते आ रहे है कि जो माँ-बाप अपने बच्चो पर नज़रे जमाए रखते है उन्ही के बच्चे सबसे ज्यादा बिगड़ते है। एक कहावत यह भी है कि – ‘पोर्नोग्राफी इज द बीस्ट, विच थ्राइव ऑन द रिप्रेशन’ यानी पॉर्नोग्राफी ऐसा राक्षस है, जिसे जितना ज्यादा दबाया जाएगा, वह उतना ही ज्यादा ताकतवर बन जाएगा। मुझे ऐसा लगता है कि कुछ ऐसा ही हाल पूरी इंडिया का होने वाला है। लोग छुप छुप कर अपने इस काम को अंजाम देगे। नई नई तरकीब खोजेगे, परिणाम स्वरुप कई लोग इस धंधे में इतने महारथी हो जाएगे कि उनका जेबख़र्च भी इसी कमाई से चला करेगा !!

खैर ! अब यह सिद्ध हो चुका है कि हमारा देश बेहद महान है जहाँ –

मैगी बैन है लेकिन शराब सिगरेट नहीं,
पोर्न बैन है लेकिन पोर्नस्टार नहीं।
ड्रिंक एंड ड्राइव पर चालान है, लेकिन
ड्रिंक एंड किल पर सब माफ़ !!
किस्सिंग इन पब्लिक प्लेस बैन है लेकिन
जहाँ मर्ज़ी पेशाब करना नहीं !!
आईएस को काला चश्मा पहनकर हाथ मिलाना बैन है लेकिन
व्यापारियो का मंत्रियो से हाथ मिलाना नहीं !!
टेररिज्म पर बैन है लेकिनटेररिस्ट पर नहीं !!

क्या हो रहा है अपने देश में कुछ भी समझ नहीं आ रहा ! 😀 पहले तो पराए देश के गुलाम थे और अब तो अपनों ने ही गुलाम बना लिया।

Written By : Nitin Verma

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