सावन की ये साजिश तो देखो,
रिमझिम आई ये बारिश तो देखो।
मेरा ये तन भीगा है,
मेरे मन की ख्वाइश तो देखो।
बूंदों की प्यास नहीं मेरे दिल को,
अजब सी यह आजमाइश तो देखो।

गरज कर आये ये बादल तो देखो,
भीगा हुआ तुम्हारा आँचल तो देखो।
साँसों की गर्मी अब ये बढ़ी है,
तेरे प्यार में हुआ पागल तो देखो।

पागलपन अब ये बढ़ा है,
जवानी का नशा जो सर पे चढ़ा है।
अब उस नशे को पीकर तो देखो,
खुद को मुझमें जीकर तो देखो।
निर्माता : देवांश राघव

savan ki saajish to dekho,
Rimjhim aayi ye baarish to dekho!
mera ye tann bheega hai,
mere mann ki khwaish to dekho!
Boondo ki pyas nhi mere dil ko,
Ajab si ye aajmaish to dekho!

Garaj kr aaye ye badal to dekho,
Bheega hua tumhara “aanchal” to dekho!
Saanso ki garmi ab ye badi,
tere pyar me hua pagak ye dekho!

Pagalpan ab ye badha hai,
Jawani ka nasha jo sir pe chadha hai!
Ab us nashe ko pi kr to dekho,
Khud ko mujhme jeekar to dekho!
Written By: Devansh Raghav

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