हमारा यूं मिलना मिलकर फिर बात करना

हमारा यूं मिलना

बड़ी फोटो देखने के लिए क्लिक करे

हमारा यूं मिलना, मिलकर फिर बात करना,
और बात रातों रात करना,
शायद सिर्फ एक इत्तेफ़ाक़ है !!

आंखों में शर्म, बोले हर लफ्ज़ नर्म,
इसमे नही मुझे कोई भर्म,
कि रूह तुम्हारी पाक है !!

छट गयी घटा, हो गयी हरी-भरी लता,
महक उठा उस दिल का पता,
जिसका ज़र्रा ज़र्रा खाक है !!

तुम्हारा कंठीला नयन, तुम्हारा चंचल चितवन,
बना गया बुद्धू सा मन,
यूं तो ये बड़ा चालाक है !!
©नीवो

Hamara Yu Milna

Badhi Photo Dekhne Ke Liye Click Kare

Hamara Yu Milna, Milkar Phir Baat Karna,
Aur Baat Raato Raat Karna,
Shayad Sirf Ek Ittefaq Hai !!

Aankhon Mein Sharm, Bole Har Lafz Narm,
Isme Nahi Mujhe Koi Bhram,
Ki Rooh Tumhari Paak Hai !!

Chhat Gyi Ghata, Ho Gyi Hari-bhari Lta,
Mehak Utha Us Dil Ka Pta,
Jiska Zrra Zrra Khaak Hai !!

Tumhara Kanthila Nayan, Tumhara Chanchal Chitvan,
Bana Gya Buddhu Sa Man,
Yu Toh Ye Badha Chaalaak Hai !!
©Nivo

NiVo (Nitin Verma)
Share This

कैसा लगा ? नीचे कमेंट बॉक्स में लिख कर बताइए!

0 Comments

Leave a reply

Made with  in India.

© Poems Bucket . All Rights Reserved.

Log in with your credentials

or    

Forgot your details?

Create Account