पोएम्स बकेट

आज की उत्तम पंक्तियाँ

तराश रहा वो इसी आस में,
काश! ये महीने भर का निवाला होगा !!
जलेगी लौं जब माटी के दीपक में,
घर किसी और के भी उजाला होगा !!
©नीवो

दुआ मांग रहा देख कर उसे,
जो तारा अम्बर से टूट रहा !!
वाकिफ न है वो हकीकत से,
साथ उसका भी किसी से छूट रहा !!
©नीवो

नवीनतम पोस्ट

Mrigtrishna Nikla Wo Toh Bas - Hindi Shayari
शायरी
NiVo (Nitin Verma)

मृगतृष्णा निकला वो तो बस

मिले कई दफ़ा पहले भी हम,
पर आज बात थोड़ी अजीब है !!
मृगतृष्णा निकला वो तो बस,
सोचा जो समंदर मेरे करीब है !!

Read More »
Waqt Guzar Rha Hai - Hindi Shayari
शेर
NiVo (Nitin Verma)

वक़्त गुज़र रहा है

मालूम नहीं क्या कुछ सँवर रहा है,
हाँ! इतना ज़रूर है कि वक़्त गुज़र रहा है !!

Read More »

मन मुताबिक शायरियाँ

विशेष लेखक

“अश्क आंखों से छलक गया,
दे दो पनाह मुसाफ़िर को, किसी धाम की तरह !!
देखो ज़रा ! सूरज भी ढल गया,
आ जाओ तुम मिलने, फिर उस शाम की तरह !!”

“तेरी हुस्न-ए-तारीफ़
जो हम किया करते है ,
तेरी सूरत पर नहीं,
तेरी सीरत पर किया करते है…”

बधाईयाँ संग्रह

लेख

इन पर हमारे साथ जुड़े

ऑडियो-विडियो

इश्क़. मोहब्बत. इबादत

Made with in India.

© Poems Bucket . All Rights Reserved.

Log in With Your Details

or    

Forgot your details?

Create Account