Is Duniya Mein Yun Hi Hai Hota – Life Shayari

इस दुनिया में यूँ ही है होता

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ऐ दिल तू क्यूँ है रोता,
इस दुनिया में यूँ ही है होता !!
कोई अपना बेगाना हो जाता,
तो कभी पराया अपनापन जताता !!

ऐ दिल तू क्यूँ हैं रोता,
इस दुनिया में यूँ ही है होता !!
कभी दुखों का पहाड़ मुश्किल बढ़ाता,
तो कभी ये रब खूब ख़ुशियों बरसाता !!

ऐ दिल तू क्यूँ है रोता,
इस दुनिया में यूँ ही है होता !!
अब तू ही बता,
अच्छी-बुरी जिंदिगी का एहसास कैसे होता ?!
अगर थोडा सुख और थोडा गम पास न होता !!

क्या तू नही जानता –
दर्द से ही तो,
सुकून का अस्तित्व है होता,
ऐ दिल तू बेवजह है रोता,
इस दुनिया में यूँ ही है होता !!

प्रेरणा: जिंदगी न मिलेगी दोबारा
लेखक: विजय सिंह दिग्गी
संपादक: नितिन वर्मा

e-dil tu kyon hai rota,
is duniya mein yu hi hai hota !!
koi apna begana ho jata,
toh kabhi praya apnapan jatata !!

e-dil tu kyon hai rota,
is duniya mein yu hi hai hota !!
kabhi dukho ka pahad mushkil badhata,
toh kabhi ye rabkhoob khushiyan barsata !!

e-dil tu kyon hai rota,
is duniya mein yu hi hai hota !!
ab tu hi bta,
achi-buri zindgi ka ehsaas kaise hota?!
agar thoda sukh aur thoda gam pass na hota !!

kyon tu nahi jaanta-
dard se hi toh,
sukoon ka astitv hai hota,
e-dil tu bewajah hai rota,
is duniya mein yu hi hai hota !!

Prerna: Zindgi Na Milegi Dobara
Lekhak: Vijay Singh Diggi
Sampadak: Nitin Verma

vijay singh diggi
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1 Comment
  1. Author
    vijay singh diggi 4 वर्ष ago

    wao!!! wonderful edition nitin 🙂 🙂

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