पढना है इतना कि

पढना है इतना कि

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पढना है इतना कि,
कोई गुंजाइश बाकी न रह जाए !!
बढ़ना है इतना कि,
कोई ख्वाइश अधूरी न रह जाए !!
©नीवो

NiVo (Nitin Verma)
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3 Comments
  1. Akash Pandey 2 वर्ष ago

    Kdk

  2. Akash Pandey 2 वर्ष ago

    Good

  3. Shruti singh 2 वर्ष ago

    Nice one

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