काश फिर तुमसे मिलने की वजह

काश ! फिर
तुमसे मिलने की वजह जाये ,
प्यार समाया था जिसमे , वो दिल मिल जाये !!
आँखें बंद कर लेता हूँ , बस यही सोच कर मैं ,
क्या पता ख्वाबो में , गुज़रा कल मिल जाये !!!
~नितिन वर्मा

kash! phir
tumse milne ki wajah mil jaaye,
pyaar samaya tha jisme, wo dil mil jaaye!!
ankhe band kar leta hoon, bas yahi sochkar main,
kya pta khwabo mein, guzra kal mil jaaye!!
~Nitin Verma

NiVo (Nitin Verma)
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