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राम को रहीम से और
रहीम को राम से
शिकायत है।
होनी भी चाहिए क्योंकि
ये दोनों बरसों-बरस के
साथी रहे हैं।
ऐसे साथी जिनको एक-दूसरे से
अलग कर पाना मुश्क़िल है।
उतना ही मुश्क़िल, जितना
ख़ुद को ख़ुद से अलग करना।
मगर आज राम ने
रहीम को, रहीम न कहकर
मुसलमान कह दिया और
रहीम भी उसको हिंदू कहते
हुए दूसरी तरफ जाकर बैठ गया है।
अब दोनों इस बात को सोच रहे हैं
कि हम दोनों को आख़िर हिंदु-मुसलमान
किसने बना दिया, हम तो
बरसों से केवल राम और रहीम थे।
©रिज़वान रिज़

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Ram Ko Rahim Se Aur
Rahim Ko Ram Se
Shikayat Hai!
Honi Bhi Chahiye Kyonki
Ye Dono Barso-baras Ke
Saathi Rahe Hai!
Aise Saathi Jinko Ek-Doosre Se
Alag Kar Pana Mushkil Hai!
Utna Hi Mushkil, Jitna
Khud Ko Khud Se Alag Karna!
Magar Aaj Ram Ne
Rahim Ko, Rahim Na Kehkar
Musalman Keh Diya Aur
Rahim Bhi Usko Hindu Kehte
Huye Doosri Taraf Jaakar Baith Gaya Hai!
Ab Dono Is Baat Ko Soch Rahe Hai
Ki Ham Dono Ko Aakhir Hindu-Musalman
Kisne Bana Diya, Ham Toh
Barso Se Keval Ram Aur Rahim The!
©Rizwan Riz